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माँ-बेटी के बच्चों में क्या रिश्ता हुआ? | विक्रम-बैताल

किसी नगर में मांडलिक नाम का राजा राज करता था। उसकी पत्नी का नाम चडवती था। वह मालव देश के राजा की लड़की थी। उसके लावण्यवती नाम की एक कन्या थी। जब वह विवाह के योग्य हुई तो राजा के भाई-बन्धुओं ने उसका राज्य छीन लिया और उसे देश-निकाला दे दिया। राजा; रानी और कन्या को साथ लेकर मालव देश को चल दिया। रात को वे एक वन में ठहरे। पहले दिन चलकर भीलों की नगरी में पहुँचे। राजा ने रानी और बेटी से कहा कि तुम लोग वन में छिप जाओ, नहीं तो भील तुम्हें परेशान करेंगे। वे दोनों वन में चली गयीं। इसके बाद भीलों ने राजा पर हमला किया। राजा ने मुकाबला किया, पर अन्त में वह मारा गया। भील चले गये।

Who is more Noble? The King or the Minister | Vikram Betal

It was another gloomy night where King Vikram And Betal was going. Betal started telling the story to Vikram.

Once upon a time, there was a ruler of the Kingdom of Magadha. One day he went hunting in the forest and lost his way. Instead of coming out, he kept going deeper and deeper into the forest. Suddenly he heard a rustling sound nearby.

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विद्या क्यों नष्ट हो गयी? | विक्रम-बैताल

उज्जैन नगरी में महासेन नाम का राजा राज करता था। उसके राज्य में वासुदेव शर्मा नाम का एक ब्राह्मण रहता था, जिसके गुणाकर नाम का बेटा था। गुणाकर बड़ा जुआरी था। वह अपने पिता का सारा धन जुए में हार गया। ब्राह्मण ने उसे घर से निकाल दिया। वह दूसरे नगर में पहुँचा। वहाँ उसे एक योगी मिला। उसे हैरान देखकर उसने कारण पूछा तो उसने सब बता दिया। योगी ने कहा, "लो, पहले कुछ खा लो।" गुणाकर ने जवाब दिया, "मैं ब्राह्मण का बेटा हूँ। आपकी भिक्षा कैसे खा सकता हूँ?"

क्या चोरी की गयी चीज़ पर चोर का अधिकार होता है? | विक्रम-बेताल

नेपाल देश में शिवपुरी नामक नगर मे यशकेतु नामक राजा राज करता था। उसकी चन्द्रप्रभा नाम की रानी और शशिप्रभा नाम की लड़की थी।

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पत्नी किसकी? | विक्रम-बेताल

धर्मपुर नाम की एक नगरी थी। उसमें धर्मशील नाम का राजा राज करता था। राजा का अन्धक नाम का दीवान था। एक दिन दीवान ने कहा, "महाराज, एक मन्दिर बनवाकर देवी को बिठाकर पूजा की जाए तो बड़ा पुण्य मिलेगा।"

राजा ने ऐसा ही किया। एक दिन देवी ने प्रसन्न होकर उससे वर माँगने को कहा। राजा के कोई सन्तान नहीं थी। उसने देवी से पुत्र माँगा। देवी बोली, "अच्छी बात है, तुम्हें बड़ा प्रतापी पुत्र प्राप्त होगा।"
कुछ दिन बाद राजा के एक लड़का हुआ। सारे नगर में बड़ी खुशी मनायी गयी।

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शेर बनाने का अपराध किसने किया? | विक्रम-बैताल

कुसुमपुर नगर में एक राजा राज्य करता था। उसके नगर में एक ब्राह्मण था, जिसके चार बेटे थे। लड़के जब बड़े हुए तब उनके पिताजी की मृत्यु हो गई और उनकी मां उनके पिताजी के साथ सती हो गयी। उनके रिश्तेदारों ने उनका धन छीन लिया। वे चारों भाई नाना के यहाँ चले गये। लेकिन कुछ दिन बाद वहाँ भी उनके साथ बुरा व्यवहार होने लगा। तब सबने मिलकर सोचा कि कोई विद्या सीखनी चाहिए। यह सोच कर चारों चार दिशाओं में चल दिये।
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Sona's Swayamvar | Vikram Betal

This story also starts as other stories of Vikram Betal. Betal lying on Vikram's solder started narrating the story.

There was a village of Kishannagar where King Rajendra and his queen Prema were living. They had a baby girl after many years of their marriage, which they named Sona. The king was a very noble and kind man.
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बालक क्यों हँसा? | विक्रम-बैताल

चित्रकूट नगर में एक राजा रहता था। एक दिन वह शिकार खेलने जंगल में गया। घूमते-घूमते वह रास्ता भूल गया और अकेला रह गया। थक कर वह एक पेड़ की छाया में लेटा कि उसे एक ऋषि-कन्या दिखाई दी। उसे देखकर राजा उस पर मोहित हो गया।

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पुण्य किसका? | विक्रम-बैताल

वर्धमान नगर में रूपसेन नाम का राजा राज करता था। एक दिन उसके यहाँ वीरवर नाम का एक राजपूत नौकरी के लिए आया। राजा ने उससे पूछा कि उसे ख़र्च के लिए क्या चाहिए तो उसने जवाब दिया, हज़ार तोले सोना। सुनकर सबको बड़ा आश्चर्य हुआ। राजा ने पूछा, "तुम्हारे साथ कौन-कौन है?" उसने जवाब दिया, "मेरी स्त्री, बेटा और बेटी।" राजा को और भी अचम्भा हुआ। आख़िर चार लोग इतने धन का क्या करेंगे? फिर भी उसने उसकी बात मान ली।

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Reward For The Gatekeeper | Vikram Betal

Here comes another interesting story from the Vikram Betal Collection. The story starts like this,
Once upon a time there lived a king named Chandrakant. He was not only brave but also very generous. One day, one of the main gate entrance guard from his palace's came to him and told him, “My King! Please alert all the soldiers as soon the enemy's army will attack us."


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सबसे अधिक त्यागी कौन? | विक्रम-बैताल

मदनपुर नगर में वीरवर नाम का राजा राज करता था। उसके राज्य में एक वैश्य था, जिसका नाम हिरण्यदत्त था। उसको मदनसेना नाम की एक कन्या थी।

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A Promise Not Kept | Vikram Betal

Vikram went back to the tree and mounted Betal on his shoulders again. Betal started telling him another story.

The story went like this:-
The ruler of Kishanagar had an extremely beautiful daughter, named Sona. As she was the only child, she enjoyed a lot of freedom. She was intelligent, well read and skilled in the use of weapons. When she reached a marriageable age, the king started looking for a suitable partner for her. The princess wanted to marry a man more skilled than her in every respect. So, she asked her father to make an announcement that she would marry only the person who would be able to defeat her in a fight. The king was very proud to hear his daughter’s views and made announcements in every state, inviting princes to his kingdom.


The Four Boys Who Made a Lion | Vikram Betaal

The King Vikram wanting to take Betal home started listening to another story by Betal. Rules are same if the King knows the answer and didn't tell he will be killed, and if the king speaks anything Betal will fly away.
Betal started the story. Once upon a time, there lived a Brahmin in a city, who had four sons. The Brahmin had himself taught the Vedas and the holy scriptures to all of them.
One day, the brothers decided to venture out into the world on their own, learn a special skill and then come back again to meet each other. So, they went to learn something extraordinary and after some time, came back to meet each other at the appointed time.

The Three Special Brahmins | Vikram Betal

Once upon a time, there lived a rich Brahmin by the name of Vishnuswamin, who was performing a huge sacrificial rite. He had three sons and each was extremely particular about three specific things. The eldest was careful about food, the second about women and the third about beds.
Vishsnuswamin wanted a tortoise for his sacrifice. So, he sent his three sons to get one. They did find one, but each of them refused to touch it and bring it back home.

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अधिक साहसी कौन?? | विक्रम-बैताल

चन्द्रशेखर नगर में रत्नदत्त नाम का एक सेठ रहता था। उसको एक लड़की थी। उसका नाम था उन्मादिनी। जब वह बड़ी हुई तो रत्नदत्त ने राजा के पास जाकर कहा कि आप चाहें तो उससे ब्याह कर लीजिए।

राजा ने तीन दासियों को लड़की को देख आने को कहा। उन्होंने उन्मादिनी को देखा तो उसके रुप पर मुग्ध हो गयीं, लेकिन उन्होंने यह सोचकर कि राजा उसके वश में हो जायेगा, आकर कह दिया कि वह तो कुलक्षिणी है, राजा ने सेठ से इन्कार कर दिया।

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असली वर कौन? | विक्रम-बैताल

हर बार की तरह राजा विक्रम ने बेताल को पेड़ से उतारकर, अपने कंधे पर लटका लिया और अपने राज्य की तरफ चलने लगे। चलते समय बेताल ने एक बार फिर राजा से कहा कि मैं तुम्हें एक कहानी सुनाऊंगा जिसका तुम्हें सही उत्तर देना है। यदि तुमने गलत उत्तर दिया तो मैं तुम्हारे सिर के दो टुकड़े कर दूंगा और अगर तुम कुछ बोले तो मैं फिर से उड़ जाऊंगा।

यह कहते हुए बेताल ने अपनी कहानी शुरू की -
उज्जैन में महाबल नाम का एक राजा रहता था। उनका हरिदास नाम का एक दूत था, जिसको महादेवी नाम की बड़ी सुन्दर कन्या थी। जब वह विवाह योग्य हुई तो हरिदास को बहुत चिन्ता होने लगी।
इसी बीच राजा ने उसे एक दूसरे राजा के पास भेजा। कई दिन चलकर हरिदास वहाँ पहुँचा। राजा ने उसे बड़ी अच्छी तरह से रखा। एक दिन एक ब्राह्मण हरिदास के पास आया। बोला, “तुम अपनी लड़की मुझे दे दो।”


अपराधी कौन? | विक्रम-बैताल

बनारस में देवस्वामी नाम का एक ब्राह्मण रहता था। उसका हरिदास नाम का पुत्र था। हरिदास की बड़ी सुन्दर पत्नी थी। नाम था लावण्यवती। एक दिन वे महल के ऊपर छत पर सो रहे थे कि आधी रात के समय एक गंधर्व-कुमार आकाश में घूमता हुआ उधर से निकला। वह लावण्यवती के रूप पर मुग्ध होकर उसे उड़ाकर ले गया। जागने पर हरिदास ने देखा कि उसकी पत्नी नही है, तो उसे बड़ा दुख हुआ और वह मरने के लिए तैयार हो गया। लोगों के समझाने पर वह मान तो गया; लेकिन यह सोचकर कि तीरथ करने से शायद पाप दूर हो जाये
और पत्नी मिल जाये, वह घर से निकल पड़ा।

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सबसे ज्यादा प्रेम में अंधा कौन था? | विक्रम-बेताल

हर बार की तरह राजा विक्रम ने बेताल को पेड़ से उतारकर, अपने कंधे पर लटका लिया और अपने राज्य की तरफ चलने लगे। चलते समय बेताल ने एक बार फिर राजा से कहा कि मैं तुम्हें एक कहानी सुनाऊंगा जिसका तुम्हें सही उत्तर देना है। यदि तुमने गलत उत्तर दिया तो मैं तुम्हारे सिर के दो टुकड़े कर दूंगा और अगर तुम कुछ बोले तो मैं फिर से उड़ जाऊंगा।

यह कहते हुए बेताल ने अपनी कहानी शुरू की -
विशाला नाम की नगरी में पदमनाभ नाम का राजा राज करता था। उसी नगर में अर्थदत्त नाम का एक साहूकार रहता था। अर्थदत्त के अनंगमंजरी नाम की एक सुन्दर कन्या थी। उसका विवाह साहूकार ने एक धनी साहूकार के पुत्र मणिवर्मा के साथ कर दिया। मणिवर्मा पत्नी को बहुत चाहता था, पर पत्नी उसे प्यार नहीं करती थी।

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The Three Sensitive Queens | Vikram Betal

Vikram went back to the tree and mounted Betal on his shoulders again. Betal started telling him another story.

The story went like this:-

Once upon a time, there lived a king of Ujjayani by name of Dharmadhvaja, who had three exquisitely Sensitive Queens. He loved all three of them very much, all of them were of unparalleled beauty.

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How Vikram and Betal met | Vikram-Betal

One day a sage came to the court of Vikram and gifted him a fruit. The king handed it over to his treasurer. From that day, the sage kept coming to the court daily to gift a fruit to the king. The king could not understand the reason behind this behavior. But still, he did not try to find out the sage’s intentions.
However, one morning, Vikram noticed a monkey sitting on the palace wall and gave the fruit to it. The monkey had started eating the fruit when suddenly a dazzling diamond fell out of it.