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दो औरतों में से बच्चे की असली माँ की पहचान | अकबर-बीरबल

एक बार बादशाह अकबर अपने सभी मंत्रियों के साथ सभा ले रहे थे। तभी दो औरतें एक बच्चे के साथ वहां पर पहुंची और दोनों जोर-जोर से रो रही थी।

पहली औरत ने कहा "जहांपनाह! यह बच्चा मेरा पुत्र है। मैं बहुत बीमार थी और इसकी देखभाल नहीं कर सकती थी। इसलिए मैंने इसे अपनी सहेली के पास छो़ड दिया था। किन्तु अब जब मैं ठीक हो गई हूं, तो यह मुझे मेरा पुत्र देने से इंकार कर रही है।"

इस पर दूसरी औरत ने रोते हुए अकबर से कहा, "यह झूठ बोल रही है! यह मेरा पुत्र है और मैं इसकी मां हूं। यह औरत इस तरह की कहानियां सुनाकर मेरे पुत्र को ले जाना चाहती है।"

बादशाह अकबर यह निश्चय नहीं कर पा रहे थे कि औरतों को कैसे न्याय दिलाया जाए। उन्होंने अपने सबसे बुद्धिमान मंत्री राजा बीरबल को अदालत में बुलाया। बीरबल ने एक के बाद एक दोनों औरतों की बात सुनी और सिर हिलाया। फिर वह अकबर की ओर झुका और बोला, "जहांपनाह! दोनों ही औरतें इस बच्चे की मां होने का दावा कर रही है।। इसलिए हम इन दोनों को बच्चा दे देते हैं।" 

दो औरतों में से बच्चे की असली माँ की पहचान | अकबर-बीरबल

बीरबल और तीन गुडि़यां | अकबर-बीरबल

एक बार एक कलाकार तीन सुन्दर गुडि़यों को लेकर बादशाह अकबर के दरबार में आया। ये गुडि़यां बिल्कुल एक समान थी। उनमें इतनी समानता थी कि उनके बीच अंतर करना बहुत मुश्किल था। बादशाह अकबर को गुडि़यां बहुत प्यारी लगी। उन्होंने कहा, "ये गुडि़यां मुझे बेच दो और मैं तुम्हें इनकी अच्छी कीमत दूंगा।"

बीरबल और तीन गुडि़यां | अकबर-बीरबल | KW Story Time

भगवान से महान | अकबर-बीरबल

एक दिन बादशाह अकबर ने अपने कुछ खास मित्रों को दावत के लिए आमंत्रित किया। बीरबल भी वहां थे। कई प्रकार के लजीज व्यंजन परोसे गए थे और सभी ने दावत का लुत्फ लिया। रात के खाने के बाद मेहमानों ने मनोरंजन के लिए अनुरोध किया। एक प्रसिद्ध कहानीकार को बुलाया गया। उसने अपने हास्य की कहानियां सुनानी शुरू कर दी। 

भगवान से महान | अकबर-बीरबल | KW Story Time

Birbal’s Journey To Heaven | Akbar-Birbal

Today's kid's friendly story from Akbar Birbal Collection is about Birbal's Journey to Heaven. Let's see whether the Birbal really went to Heaven or not?

Akbar always liked Birbal for his wisdom and wittiness. However, the other courtiers were always jealous of him, and with jealousy, they keep trying to put him down in front of Akbar's eyes. One day the court barber, who was also part of the jealousy group, plotted a plan against Birbal.

As the barber started trimming the Emperor’s beard, he said, “Sir, last night I dreamed about your father.” The Emperor got interested, so he asked, “What did he say to you ?”


Who's Well Who's Water | Akbar-Birbal

Today's story is a very short story from the collection of Akbar Birbal. 

Once upon a time, there was a cunning man who sold his well to a farmer. The very next day in the morning the farmer went to take out some water from the well. As soon he was about to draw the water, the same man who sold the well came and stopped him. 

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Bring Me The Worst Four Fools Of The Town | Akbar-Birbal

This is a famous story from Akbar Birbal Collections - The Four Fools with a moral.

One day the emperor Akbar thought of something and asked Birbal to bring him, world's worst four fools. The Birbal without saying anything started searching for the fools from the next day morning.

One the day he saw a Brahmin. The Brahmin was running very fast carrying a plate of betel-nut, rice, and a few other things. When Birbal inquired with him, he answered, "My wife has just given birth to a son, and I am bringing her the ceremonial foods. Unfortunately, the boy is not my child, but his father will also be there."

Bring Me The Worst Four Fools Of The Town | Akbar-Birbal-BoughtShutterStock

कौओं की गिनती | अकबर-बीरबल

एक बार पड़ोसी राज्य से एक बहुत प्रसिद्ध विद्वान बादशाह अकबर के दरबार में घूमने को आया। वह अकबर के सामने आकर अभिवादन के लिए झुका और कहा, "जहांपनाह! मैंने बीरबल की बुद्धि के बारे में बहुत सुना है। दूरदराज क्षेत्रों के लोग अक्सर इनकी बुद्धि की बहुत प्रशंसा करते हैं। महाराज अगर आप की आज्ञा हो तो मैं उनकी प्रतिभा की परीक्षा लेना चाहता हूं।"

When Akbar Dismissed Birbal From the Kingdom | Akbar-Birbal

This is the story of great king Akbar and his wise minister Birbal. Once upon a time, king Emperor Akbar became very angry on something at his favorite minister Birbal. Without thinking too much in a rage he asked Birbal to leave the kingdom and go away. Birbal without speaking a single word accepted the order of King and left the kingdom. He went to an unknown village far from the palace and started working on a farmer’s farm under a different identity.

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अशुभ चेहरा | अकबर-बीरबल

बहुत समय पहले, बादशाह अकबर के राज्य में यूसुफ नामक एक युवक रहता था। उसका कोई दोस्त नहीं था, सभी लोग उससे नफरत करते थे। सभी उसका मजाक उड़ाते थे और जब वह सड़क पर चलता तो सब उस पर पत्थर फेंकते थे। यूसुफ का जीवन दयनीय था, सभी सोचते थे कि वह बहुत ही बदनसीब है। लोग तो यहां तक कहते थे कि यूसुफ के चेहरे पर एक नजर डालने से, देखने वाले व्यक्ति पर भी बदनसीबी आ सकती है।

How a Rich Man tested Birbal | Akbar-Birbal

Once there was a rich man in the city of King Akbar. He had heard about Birbal's intelligence but he never met him personally. He took permission of King Akbar and invited Birbal for a dinner.

Birbal reached the man's home. To his surprise, he was not alone. There were many people who were there at the dinner party. Finally, Birbal met the rich man.

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बीरबल की जन्नत की यात्रा | अकबर-बीरबल

बीरबल की प्रशंसा से जलकर कुछ दरबारियों ने एक योजना बनायी कि कैसे वह बीरबल को अपने रास्ते से निकाल दें। उन्होंने अपनी योजना में राजा अकबर के हज्जाम को भी शामिल कर लिया।

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पूनम या दूज का चाँद | अकबर-बीरबल

बीरबल बहुत चतुर, बुद्धिमान और हाजिर जवाब थे, उनकी तारीफे दूर देशों तक फैली हुई थी। इरान के बादशाह ने जब उनकी बुद्धिमानी की तारीफ सुनी तो उसने राजा के पास संदेश भिजवाया की वह बीरबल को कुछ दिन के लिए मेरे दरबार में भेजने की कृपा करे। राजा ने बहुत कीमती वस्त्र आभूषणों की भेंट के साथ बीरबल और उनके सभा के कुछ अन्य दरबारियों को इरान के लिए रवाना किया।

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Spend the Gold Coins | Akbar Birbal

Akbar always admired Birbal for his intelligence and wisdom. However, Akbar's brother in law was always jealous of Birbal. His motive was to throw Birbal out of the empire.
One day he told Akbar that I am more efficient and capable than Birbal. Birbal was also listening to all this. He resigned and left the darbar.

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लेन देन प्रक्रिया | अकबर-बीरबल

एक बार की बात है। बादशाह अकबर अपने दरबारियों के साथ सभा में बैठे हुए थे। आज कोई भी फरियादी नहीं था, इसलिए उन्होंने सोचा कि क्यों ना मैं दरबारियों से कोई प्रश्न पूछूं।

बादशाह अकबर ने दरबारियों से पूछा, "मैंने हमेशा देखा है कि जब भी हम किसी को कुछ देते हैं तो, देने वाले का हाथ, हमेशा लेने वाले हाथ के ऊपर होता है।"

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Birbal’s Wisdom | Akbar Birbal

It was a beautiful afternoon in the court of Akbar Birbal. Suddenly Akbar realized that the diamond ring from his hand is missing. This was a gift to Akbar from his father.

Birbal arrived in the court soon. Akbar discussed with Birbal the same thing and asked him the solution to find his ring. After a quick careful thought, Birbal said, "Do not worry my lord! I will find your ring right now."

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आंखों वाले अंधे | अकबर-बीरबल

एक बार राजा अकबर ने अपनी राज्य सभा के सभी दरबारियों से पूछा - "हमारे राज्य में आंख वाले अधिक हैं या अंधे, इनमें से किस की संख्या अधिक है?"
सभी दरबारी चिंतित थे। वह एक दूसरे से पूछने लगे, "दोनों में से कौन ज्यादा है यह कैसे बताएं?"

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How many Crows in the Kingdom | Akbar Birbal

It was a beautiful morning time on the day of summer. King Akbar and Birbal were taking a walk in the palace of gardens and were admiring the natural beauty. There were also a lot of crows in the garden. Watching the crows one question popped up in Akbar's head. He asked Birbal, "how many crows are there in our Kingdom ?"

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कैसे ढूंढा बीरबल ने अंगूठी के चोर को? | अकबर-बीरबल

एक दिन भरे दरबार में राजा अकबर की अंगूठी खो गई। जैसे ही राजा को यह बात पता चली उन्होंने सिपाहियों से ढूँढने को कहा पर उन्हें उनकी अंगूठी नहीं मिली।

राजा अकबर नें बीरबल को दुखी मन से बताया कि वह अंगूठी उनके पिता की अमानत थी, जिससे वह बहुत ही प्यार करते थे। बीरबल नें जवाब में कहा - "आप चिंता ना करें महाराज, मैं अंगूठी ढून्ढ लूँगा।"

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बीरबल की खिचड़ी | अकबर-बीरबल

अकबर ने कडकड़ाती सर्दियों के मौसम में एक दिन यह ऐलान किया की अगर कोई व्यक्ति पूरी रात भर पानी के अंदर छाती तक डूब कर खड़ा रह पाएगा तो उसे 1000 मोहरों का इनाम दिया जाएगा। इस चुनौती को पार करना काफी कठिन था।

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रेत और चीनी | अकबर-बीरबल

बादशाह अकबर के दरबार की कार्यवाही चल रही थे, तभी एक दरबारी हाथ में शीशे का एक मर्तबान लिए वहां आया।

बादशाह ने पूछा, “क्या है इस मर्तबान में?”

दरबारी बोला, “इसमें रेत और चीनी का मिश्रण है।”

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